प्रस्तावना
भारत में संपत्ति किराये पर देना एक लोकप्रिय निवेश माध्यम है। हालांकि, किराये की आय पर आयकर (Income Tax) की सही जानकारी होना प्रत्येक मकान मालिक के लिए आवश्यक है। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 22 से 27 के तहत किराये की आय "गृह संपत्ति से आय" (Income from House Property) के अंतर्गत कर योग्य है। इस लेख में हम भारत में किराये की आय पर कर की गणना, कटौतियां, TDS प्रावधान और नई व पुरानी कर व्यवस्था की तुलना को विस्तार से समझेंगे।
किराये की आय का वर्गीकरण
गृह संपत्ति से आय — धारा 22 से 27
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 22 के अनुसार किराये की आय को "गृह संपत्ति से आय" के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह वर्गीकरण निम्न शर्तों पर लागू होता है:
- संपत्ति भवन या भूमि से जुड़ी हो
- करदाता संपत्ति का मालिक हो
- संपत्ति का उपयोग करदाता के स्वयं के व्यवसाय या पेशे के लिए न किया जा रहा हो
सकल वार्षिक मूल्य (Gross Annual Value — GAV)
किराये पर दी गई संपत्ति के लिए GAV निम्नलिखित में से जो अधिक हो, वह माना जाता है:
- वास्तविक किराया प्राप्त/प्राप्य (Actual Rent Received/Receivable)
- अपेक्षित किराया (Expected Rent) — उचित किराया मूल्य और नगर निगम मूल्यांकन में से जो अधिक हो, लेकिन मानक किराये से अधिक नहीं
ध्यान दें: यदि संपत्ति किसी अवधि में खाली रही और इस कारण वास्तविक किराया अपेक्षित किराये से कम रहा, तो वास्तविक प्राप्त किराये को GAV माना जाएगा।
स्रोत: Income Tax India — Income from House Property
कर की चरणबद्ध गणना
चरण 1: सकल वार्षिक मूल्य (GAV) निर्धारित करें
- शर्त: कर का भुगतान उस वित्त वर्ष में वास्तव में किया गया हो
- परिणाम: शुद्ध वार्षिक मूल्य (Net Annual Value — NAV)
- धारा 24(a) — मानक कटौती: NAV का 30% (रखरखाव, मरम्मत आदि सभी खर्चों के लिए फ्लैट कटौती)
- धारा 24(b) — गृह ऋण ब्याज: किराये पर दी गई संपत्ति के लिए पूरी ब्याज राशि कटौती योग्य (कोई ऊपरी सीमा नहीं)
उदाहरण (वित्त वर्ष 2025-26)
- वार्षिक किराया: ₹6,00,000 (₹50,000/माह)
- नगर निगम कर: ₹30,000
- गृह ऋण ब्याज: ₹2,00,000
| गणना का चरण | राशि | |---|---| | GAV | ₹6,00,000 | | घटाएं: नगर निगम कर | ₹30,000 | | NAV | ₹5,70,000 | | घटाएं: मानक कटौती 30% of NAV | ₹1,71,000 | | घटाएं: गृह ऋण ब्याज | ₹2,00,000 | | कर योग्य आय (गृह संपत्ति से) | ₹1,99,000 |
स्रोत: ClearTax — Income from House Property
धारा 24 के तहत कटौतियां
मानक कटौती — धारा 24(a)
- NAV का 30% की फ्लैट कटौती
- वास्तविक खर्च से स्वतंत्र (चाहे मरम्मत/रखरखाव पर कम या अधिक खर्च हुआ हो)
- यह कटौती केवल किराये पर दी गई और मानी गई किराये पर दी गई (Deemed Let-Out) संपत्ति के लिए उपलब्ध है
स्रोत: ClearTax — Section 24
गृह ऋण ब्याज — धारा 24(b)
- ब्याज कटौती की कोई ऊपरी सीमा नहीं — पूरी ब्याज राशि कटौती योग्य
- निर्माण पूर्व ब्याज (Pre-construction Interest) भी 5 समान वार्षिक किश्तों में कटौती योग्य
- अधिकतम ₹2,00,000 प्रति वर्ष की कटौती
- यह सीमा किराये पर दी गई संपत्ति पर लागू नहीं होती
TDS (स्रोत पर कर कटौती) प्रावधान
धारा 194-IB: व्यक्ति/HUF किरायेदार द्वारा TDS (वित्त वर्ष 2025-26)
यदि किरायेदार (ऐसा व्यक्ति या HUF जो Tax Audit के दायरे में नहीं है) ₹50,000/माह से अधिक किराया देता है:
- TDS की दर: 2% (बजट 2024 द्वारा 5% से घटाकर 2% किया गया, प्रभावी 1 अक्टूबर 2024 से)
- TDS काटने का समय: वित्त वर्ष के अंतिम माह में या किराये के अंतिम भुगतान पर
- फॉर्म 26QC में जमा करना होगा
स्रोत: ClearTax — TDS Rate Chart FY 2025-26
धारा 194-I: व्यावसायिक किरायेदार द्वारा TDS (वित्त वर्ष 2025-26)
यदि किरायेदार कंपनी, फर्म या ऐसा व्यक्ति/HUF है जो Tax Audit के दायरे में है:
- भूमि/भवन/फर्नीचर किराये पर TDS: 10%
- मशीनरी/उपकरण/संयंत्र किराये पर TDS: 2%
- वार्षिक किराया ₹6,00,000 से अधिक होने पर लागू (बजट 2025 द्वारा ₹2,40,000 की पुरानी सीमा से बढ़ाई गई)
स्रोत: Income Tax India — TDS Rates
नई कर व्यवस्था बनाम पुरानी कर व्यवस्था (वित्त वर्ष 2025-26)
नई कर व्यवस्था — Tax Slabs (वित्त वर्ष 2025-26)
| आय (₹) | कर दर | |---|---| | 0 – 4,00,000 | शून्य | | 4,00,001 – 8,00,000 | 5% | | 8,00,001 – 12,00,000 | 10% | | 12,00,001 – 16,00,000 | 15% | | 16,00,001 – 20,00,000 | 20% | | 20,00,001 – 24,00,000 | 25% | | 24,00,001 से अधिक | 30% |
महत्वपूर्ण: नई व्यवस्था में धारा 24(a) की 30% मानक कटौती और धारा 24(b) का गृह ऋण ब्याज उपलब्ध रहता है। लेकिन धारा 80C, 80D जैसी अन्य कटौतियां उपलब्ध नहीं होतीं।
स्रोत: ClearTax — Income Tax Slabs FY 2025-26
पुरानी कर व्यवस्था — Tax Slabs (वित्त वर्ष 2025-26)
| आय (₹) | कर दर | |---|---| | 0 – 2,50,000 | शून्य | | 2,50,001 – 5,00,000 | 5% | | 5,00,001 – 10,00,000 | 20% | | 10,00,001 से अधिक | 30% |
महत्वपूर्ण: पुरानी व्यवस्था में सभी कटौतियां उपलब्ध हैं — धारा 24, 80C (गृह ऋण मूलधन पर ₹1,50,000 तक), 80D आदि।
सुझाव: यदि आपके पास गृह ऋण है और कई कटौतियां उपलब्ध हैं, तो दोनों व्यवस्थाओं में कर की गणना करके तुलना करें। वित्त वर्ष 2025-26 में नई कर व्यवस्था डिफॉल्ट है — पुरानी व्यवस्था चुनने के लिए ITR दाखिल करते समय स्पष्ट रूप से विकल्प चुनना होगा।
अनिवासी भारतीयों (NRI) के लिए विशेष प्रावधान
आयकर अधिनियम, 1961 के तहत NRI की भारत में किराये की आय पर:
- TDS: 30% की दर से काटा जाता है (किरायेदार की जिम्मेदारी)
- NRI को भी भारत में आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना होता है
- यदि NRI के देश के साथ DTAA (Double Taxation Avoidance Agreement) है, तो दोहरे कराधान से राहत मिल सकती है
- PAN नंबर आवश्यक है
Cleemo कैसे मदद कर सकता है
Cleemo एक ऑल-इन-वन किराया प्रबंधन प्लेटफॉर्म है जो आपकी कर प्रक्रिया को सरल बनाता है:
- किराया आय की स्वचालित ट्रैकिंग: हर भुगतान को स्वचालित रूप से रिकॉर्ड करें।
- व्यय प्रबंधन: मरम्मत, रखरखाव और अन्य खर्चों को वर्गीकृत करके रिकॉर्ड करें।
- कर गणना सहायता: वार्षिक आय-व्यय रिपोर्ट से ITR की तैयारी आसान होती है।
- दस्तावेज़ प्रबंधन: किराया समझौते, TDS प्रमाण पत्र (Form 16C/26AS) क्लाउड पर सुरक्षित रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: क्या एक से अधिक संपत्ति का किराया अलग-अलग दिखाना होगा?
उत्तर: हां। आयकर अधिनियम के तहत ITR में प्रत्येक संपत्ति का विवरण अलग-अलग दिखाना होता है। प्रत्येक संपत्ति के लिए अलग से GAV, कटौतियां और कर योग्य आय की गणना की जाती है।
प्रश्न: यदि संपत्ति कुछ महीने खाली रही तो क्या होगा?
उत्तर: यदि संपत्ति वास्तव में किराये पर नहीं दी गई और खाली रही, तो उन महीनों के लिए Vacancy Allowance का प्रावधान है। खाली अवधि के कारण यदि वास्तविक किराया अपेक्षित किराये से कम रहा, तो GAV वास्तविक प्राप्त किराये तक सीमित होगा।
प्रश्न: सिक्योरिटी डिपॉजिट पर कर लगता है?
उत्तर: नहीं। सिक्योरिटी डिपॉजिट जो किरायेदार के जाने पर वापस किया जाता है, कर योग्य नहीं है। हालांकि, यदि डिपॉजिट का कोई हिस्सा किराये के रूप में समायोजित किया जाता है, तो वह GAV में शामिल होगा और कर योग्य होगा।
प्रश्न: अवैतनिक किराये (Unrealized Rent) पर कर देना होगा?
उत्तर: नहीं। यदि कुछ शर्तें पूरी होती हैं (जैसे किरायेदार के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई हो, किरायेदार संपत्ति खाली कर चुका हो), तो अवैतनिक किराये को GAV से घटाया जा सकता है।
निष्कर्ष
भारत में किराये की आय पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 22-27 के तहत "गृह संपत्ति से आय" के रूप में कर लगता है। धारा 24(a) की 30% मानक कटौती और धारा 24(b) के तहत गृह ऋण ब्याज की पूरी कटौती दोनों प्रमुख राहत हैं। TDS नियमों (धारा 194-I और 194-IB) का पालन करें और समय पर आयकर रिटर्न दाखिल करें।
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